Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (04, July 2019)


Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (04, July 2019)


बुलेटिन्स

1. संसद में पेश हुआ आर्थिक सर्वेक्षण 2018 -19। देश के वार्षिक आर्थिक विकास को दर्शाता है आर्थिक सर्वेक्षण
2. भारत में सबसे कम है बेरोज़गारी दर। श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने दिया राज्यसभा में जवाब
3. सरकार ने दिया किसानों को तोहफा। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की बढ़ोत्तरी
4. बलूच लिबरेशन आर्मी को अमेरिका ने घोषित किया वैश्विक आतंकी संगठन।
5. और जारी हुआ पासपोर्ट इंडेक्स 2019 पासपोर्ट इंडेक्स में भारत को मिली 86वीं रैंकिंग

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

2018-19 का आर्थिक सर्वेक्षण आज संसद में पेश हो गया। केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने आज संसद में आर्थिक समीक्षा 2018-19 पेश किया। 2018 -19 की आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि पिछले पांच सालों के दौरान अमीरों को मिलने वाले फायदे के रास्ते अब ग़रीबों के लिये भी खोले गये हैं। इसके अलावा आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि कम से कम आठ प्रतिशत की सतत वास्तविक जीडीपी विकास दर की ज़रूरत है। तभी जाकर हम 2024-25 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन पाएंगे।

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने बताया गया है कि भारत अपनी सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, संसाधन दक्षता और वायु प्रदूषण से संबंधित अलग - अलग नीतियों और उपायों को शुरू और लागू करके अपने आर्थिक प्रगति के लक्ष्य और रख-रखाव लगातार बनाए रखता है। आर्थिक समीक्षा के मुताबिक देश के सामाजिक क्षेत्रों और ग़रीबों की बेहतरी के लिए डाटा तैयार किया जाना चाहिए। और समाज के कल्याण के लिए इसे सार्वजनिक भी किया जाना चाहिए। आर्थिक समीक्षा में दिवाला और दिवालियापन संहिता का भी ज़िक्र किया गया। इसके अलावा वित्त मन्त्री के मुताबिक़ दिवाला और दिवालियापन संहिता 2016 पारित होने से ऋण वसूली व्यवस्था पहले से मज़बूत हुई है।

आर्थिक समीक्षा, केंद्रीय बजट से एक दिन पहले पेश की जाती है। इसमें पिछले एक साल में देश की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए अलग - अलग क्षेत्रों में हुए महत्वपूर्ण कामों के बारे में जानकारी दी जाती है। और आसान शब्दों में बताएं तो बजट से पहले संसद में वित्त मंत्री दवरा देश की आर्थिक दशा की जो आधिकारिक रिपोर्ट पेश की जाती है वही आर्थिक समीक्षा कहलाती है।

आर्थिक समीक्षा में देश के विकास की दिशा का ज़िक्र होता है। आर्थिक समीक्षा में ये भी बताया जाता है कि किस क्षेत्र में कितना निवेश और कितना विकास हुआ है साथ ही किन योजनाओं की शुरुआत की गई है और उससे भी जुड़े सभी पहलुओं को आर्थिक समीक्षा के ज़रिए रूबरू कराया जाता है। आर्थिक समीक्षा में उठाए गए मुद्दों और सुझावों को लेकर सरकार भविष्‍य में काम करती है। ग़ौरतलब है कि आर्थिक समीक्षा जारी होने के बाद सरकार कल यानी 5 जुलाई को संसद में केंद्रीय बजट पेश करेगी।

2. दूसरी न्यूज़

श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कल राजयसभा में खा कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक़ भारत में बेरोज़गारी की दर दुनिया में सबसे कम है। श्रम और रोजगार मंत्री के मुताबिक़ ILO के अनुसार भारत में बेरोज़गारी की दर 3.5 फीसदी दर्ज़ की गई है। जबकि बेरोज़गारी की दर पड़ोसी मुल्क़ चीन में 4.7 फीसदी और एशिया प्रशांत में 4.2 फीसद है।

दरअसल जब कोई इंसान बड़ी सक्रियता से रोजगार की तलाश कर रहा होता है और इसके बावजूद जब उसे काम नहीं मिल पाता तो इस हालात को बेरोजगारी कहा जाता है। भारत में बेरोजगारी संबंधित आँकड़े केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी किये जाते हैं। बीते दिनों केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी cso द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान देश में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही। ये आंकड़े जुलाई 2017 से जून 2018 के बीच की आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण यानी पीएलएफएस रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए थे।

भारत में ज़्यादातर रोज़गार असंगठित क्षेत्र द्वारा मुहैया कराए जाते हैं। कृषि कामगार और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट मजदूर असंगठित क्षेत्र के दायरे में आते हैं। धीमा औद्योगिक विकास, बढ़ती जनसंख्या और परम्परागत शिक्षा और तकनीकी जैसे कारक लम्बे समय से बेरोजगारी की वजह बने हुए हैं। इसके अलावा कुटीर उद्योगों में गिरावट, कृषि मजदूरों के लिए वैकल्पिक रोजगार के अवसरों की कमी और नीतिगत खामियां बेरोज़गारी की दूसरी वजहें हैं।

बेरोज़गारी के कारण अपराध दर में वृद्धि, खराब जीवन स्तर और हुनर की बर्बादी जैसी दिक्कतें देखने में आ रही हैं। साथ ही, राजनैतिक अस्थिरता, स्वास्थ्य से जुडी समस्याएं और धीमा आर्थिक विकास बेरोज़गारी के दूसरे नतीजे हैं।

सरकार ने बेरोज़गारी की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाये हैं। जिसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे पहल शामिल हैं। इसके अलावा मनरेगा, मेक इन इंडिया, प्रधानमंत्री युवा योजना और दीनदयाल उपाध्याय ‘श्रमेव जयते’जैसे कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं। साथ ही, जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिये ‘हिमायत’ तथा वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित युवाओं के लिये ‘रोशनी योजना भी शुरू की गई है।

3. तीसरी न्यूज़

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2019-20 सत्र के लिए सभी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा कर दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठकल में CACP की उस सिफारिश को मजूरी मिल गई है जिसमें खेती की लागत का कम से कम डेढ़ गुना समर्थन मूल्य तय किया गया था।

न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी करते हुए सरकार ने धान का MSP 65 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार का 120 रुपये प्रति क्विंटल और रागी का 253 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाया है। इसके अलावा तूर, मूंग और उड़द दालों का MSP क्रमशः 125, 75 और 100 रुपये तक बढ़ा है। साथ ही मूंगफली के लिए MSP में 200 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन के लिए 311 रुपये प्रति क्विंटल तक और मध्यम दर्जे की कपास का MSP 105 रुपये प्रति क्विंटल व लंबी कपास का MSP 100 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाया है।

भारत में मुख्य रूप से तीन प्रकार के फसलें उगाई जाती हैं। जिनमें खरीफ, रबी और ज़याद फसलें शामिल हैं। खरीफ फसलों के बारे में बताएं दक्षिण पश्चिम या ग्रीष्म मानसून के दौरान जुलाई से अक्टूबर महीने की बीच उगाई जाने वाली फसलों को खरीफ फसल कहते हैं , इन फसलों में चावल, कपास, मक्का, बाजरा, अरहर, सोयाबीन, मूंगफली, जूट जैसी फसलें उगाई जाती हैं।

रबी की फसलें उत्तर पूर्व में मॉनसून की वापसी के दौरान अक्टूबर से मार्च महीने में उगाई जाती हैं। रबी की फसलों में गेहूं, जौ, जई और सरसों जैसी फसलें शुमार हैं। इसके अलावा मार्च से जून महीने के बीच उगाई जाने वाली फसलों को ज़याद फसल कहा जाता है। ज़याद फसलों में तरबूज मुख्य रूप से शामिल है।

भारत में, कृषि आजीविका प्रदान करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम् भूमिका निभाती है। साथ ही, खेती गरीबी को कम करने और विकास को सतत बनाए रखने के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण है। साथ ही कृषि का सकल घरेलू उत्पाद में क़रीब 16 प्रतिशत और रोजगार में 49 प्रतिशत का योगदान है।

4. चौथी न्यूज़

बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग राष्ट्र घोषित करने वाले बलूचिस्तान समर्थकों को मंगलवार को अमेरिका से झटका लगा है। अलग राष्ट्र के लिए लड़ रहे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी BLA को अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। पाकिस्तान में कई आतंकी वारदातों में शामिल BLA को पाकिस्तान पहले ही आतंकी संगठन करार दे चुका था और अमेरिका से भी इसे आतंकी संगठन करार देने की मांग कर रहा था। मंगलवार को अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि BLA के हथियारयुक्त अलगाववादी संगठन है जिसने पाकिस्तान के बलोच क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नागरिकों को अपना निशाना बनाया है। ऐसे में अमेरिका में कोई अगर बीएलए को समर्थन देगा उसे अपराधी माना जाएगा और उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।

अमेरिका से प्रतिबंध लगने के बाद इस संगठन से जुड़े लोग, इसके साजिशकर्ता, फंड जुटाने वाले और इसके कार्यक्रमों के आयोजक भी अब अपराधी माने जाएंगे और उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा। पाकिस्तान में बीएलए पर साल 2006 से प्रतिबंध है और हाल के वर्षों में इस पर कई आतंकी हमलों के आरोप लगे हैं। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पाकिस्तान में आतंकी वारदातों में कमी आएगी। BLA पर पाकिस्तान में कई आतंकी हमले करने का आरोप है, इन्हीं आतंकी वारदातों को देखते हुए अमेरिका ने यह बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान काफी समय सेअमेरिका से बीएलए को आतंकी संगठन घोषित करने की मांग कर रहा था।

5. पांचवी न्यूज़

हेनले पासपोर्ट इंडेक्‍स-2019 की ताजा रैंकिंग में दो एशियाई देशों जापान और सिंगापुर ने संयुक्तरूप से पहला स्थान हासिल किया है। भारत इस सूची में 86वें स्थान पर है। आपको बता दे कि ये रैंकिंग देशों के पासपोर्ट की ताकत पर निर्भर करती है। जिस देश के पासपोर्ट के जरिए बगैर वीजा या वीजा ऑन अराइवल सबसे अधिक देशों में आने-जाने की छूट होती है, वो सबसे अधिक ताकतवर पासपोर्ट माना जाता है।

भारत जहां इस वर्ष के शुरुआत में 79वें स्थान पर था और 61 देशों में बगैर वीजा जाने की अनुमति थी, अब रैंक 86 हो गई है और भारत का स्कोर 58 हो गया है। इस इंडेक्स में स्कोर का मतलब है कि कितने देशों में उस पासपोर्ट के जरिए वीजा मुक्त या वीजा आन अराइवल प्रवेश मिल सकता है। पाकिस्तान की मौजूदा रैंकिंग 106 और स्कोर 30 है जबकि पिछली बार स्कोर 33 और रैंकिंग 102 थी। ये इंडेक्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। इसके लिए 199 पासपोर्ट और 227 गंतव्य स्थलों को शामिल किया गया। इंडेक्स की नवीनतम रैंकिंग से पता चलता है कि दुनियाभर के देश आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए वीजा के खुलेपन को महत्वपूर्ण रूप से देखते हैं।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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