Daily Audio Bulletin for UPSC, IAS, Civil Services, UPPSC/UPPCS, State PCS & All Competitive Exams (02, August 2019)


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बुलेटिन्स

1. राज्यसभा से भी पारित हुआ NMC बिल। डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी
2. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा गंगा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर हो कार्रवाई। चार राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को दिया गया निर्देश
3. भारत में खनिज सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड की शुरुआत। सभी आयात ज़रूरतों को पूरा करने में होगा सहायक
4. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो से मिले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर। कहा कश्मीर मसले पर सिर्फ पाकिस्तान से ही होगी बातचीत।
5. और अगले साल UAE भेजेगा मंगल पर अपना अंतरिक्ष यान। मंगल पर जाने वाला होप प्रोब बनेगा अरब जगत का पहला अंतरिक्ष यान

आइये अब ख़बरों को विस्तार से समझते हैं

1. पहली न्यूज़

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेय़क 2019 राजयसभा से पारित हो गया। 29 जुलाई को लोकसभा में पारित हुआ ये विधेयक राज्यसभा में कुछ बदलाव के साथ पारित हुआ है। हालाँकि अभी एक बार फिर से ये विधेयक अनुमोदन के किए लोकसभा में भेजा जाएगा। ग़ौरतलब है कि इससे पहले ये विधेयक पिछले साल दिसंबर में 16 वीं लोकसभा से पास हो चुका है, लेकिन 16 वीं में राज्यसभा से पास नहीं होने के कारण ये विधेयक निरस्त हो गया था।

दरअसल विधेयक का मक़सद बेहतर और किफ़ायती चिकित्सा शिक्षा प्रदान करना है। मौजूदा सरकार के मुताबिक़ ये विधेयक मेडिकल की शिक्षा को एक समान बनाने की दिशा में काम करेगा। विधेयक के तहत एक राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन के गठन की भी बात कही गई है। इसके अलावा एमबीबीएस और पीजी कोर्सेज में 50 फीसदी सीटों के लिए फीस के नियंत्रण और मेडिकल एड्वाइज़री काउन्सिल बनाने का भी प्रस्ताव विधेयक में शामिल है। जानकारों के मुताबिक़ मेडिकल शिक्षा को सुचारू रूप से चलाने के लिए MCI की जगह राष्ट्रीय मेडिकल आयोग MNC के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। 63 साल पुराने भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद MCI को ख़ारिज कर एक नई चिकित्सा शिक्षा प्रणाली मुहैया कराने की बात कही गई है जिसमें पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता, चिकित्सा पेशेवरों के ज़रिए आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान को अपनाना, चिकित्सा संस्थानों का समय - समय पर मूल्यांकन करना, और एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र तैयार करने जैसे फैसले शामिल है।

लम्बे वक़्त से अधर में लटके इस बिल के एक बार फिर से लोकसभा में पेश होने के बाद इसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने NMC विधेयक की धारा 32(1), (2) और (3) को लेकर चिंता ज़ाहिर की है जिसमें एमबीबीएस डिग्री धारकों के अलावा गैर चिकित्सकीय लोगों या सामुदायिक स्वास्थ्य प्रदाताओं को लाइसेंस देने की बात की गई है। 2016 से ही इस विधेयक का विरोध कर रहे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस बिल को ‘गरीब विरोधी’ करार दिया है।

IMA का कहना है कि इस विधेयक में पहले वाले विधेयक से सिर्फ कुछ मामूली बदलाव ही किए हैं इसलिए हम एक बार फिर से इसका विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा IMA को विधेयक की धारा 45 पर भी आपत्ति है जिसमें इस बात का ज़िक्र है कि केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के सुझावों के ख़िलाफ़ फैसला लेने का अधिकार होगा।

इस मसले पर विशेषज्ञों का कहना है कि देश के हर क्षेत्र में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अब समय आ गया है। पुरानी व्यवस्था से आगे बढ़ने के लिए संरचना में बदलाव ज़रूरी है। बीते दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में औसतन एक डॉक्टर पर क़रीब 11 हज़ार की जनसंख्या निर्भर हैं। जबकि WHO के तय मानकों के मुताबिक़ 1 डॉक्टर पर सिर्फ 1 हज़ार जनसंख्या होनी चाहिए। जानकारों के मुताबिक़ मौजूदा वक़्त में यदि क़ानून द्वारा व्यवस्था नहीं बदली जाती है तो WHO के मानकों के आधार पर तय लक्ष्यों को हांसिल कर पाना भारत के लिए मुश्किल होगा। इसलिए अब समय आ गया है कि देश में डॉक्टरों की संख्या, बेहतर प्रशिक्षण और हर क्षेत्र में उनकी उपलब्धता को जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए।

2. दूसरी न्यूज़

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा नदी में अपशिष्ट और औद्योगिक कचरा डालने पर कार्रवाई की बात कही है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए चार राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने निर्देश में कहा है कि कि वो पर्यावरणीय मानदंडों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई करें, और अगर ज़रूरत हो तो उन्हें बंद करने जैसे क़दम भी उठाए जाए।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिन राज्यों को ये निर्देश जारी किया है उनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्य शामिल हैं। ग़ौरतलब है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अध्यक्षों को लिखे अलग-अलग पत्रों में, 15 दिनों के भीतर निरीक्षणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उसमें इस बात का भी ज़िक्र है कि निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के 15 दिनों के भीतर नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों को बंद करने सहित उनपर उचित कार्रवाई भी की जाएगी।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक़ अब तक 400 से ज़्यादा प्रदूषकारी उद्योगों का निरीक्षण किया गया है, लेकिन बड़े भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की ओर से राज्य बोर्डों को बहुत कम रिपोर्ट सौंपी गई है।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB एक सांविधिक संगठन है। इसका गठन जल अधिनियम, 1974 के तहत सितंबर, 1974 में किया गया था। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु अधिनियम,1981 के तहत भी कुछ अधिकार और काम दिए गए हैं। जल अधिनियम, 1974 और वायु अधिनियम,1981 के मुताबिक़ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कुछ प्रमुख काम हैं, जिनमें जल प्रदूषण के निवारण, नियंत्रण व राज्यों के अलग - अलग क्षेत्रों में नदियों और कुओं की स्वच्छता को बढ़ावा देना, और देश की वायु गुणवत्ता में सुधार करना तथा वायु प्रदूषण का निवारण व नियंत्रण करने जैसे महत्वपूर्ण काम शामिल हैं।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ज़रिए वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। ये शुरुआत वायु गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति और उद्योगों व अन्य स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिहाज़ से की गई है ताकि वायु गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को हांसिल किया जा सके। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उद्योगों के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरण संबंधी प्रभावों के आकलन के बारे में भी आंकड़े उपलब्ध कराता है।

भारत में कुल क़रीब 14 बड़ी, 44 मध्यम और 55 छोटी नदियां हैं। इसके अलावा झील तालाब और कुएं भी भारत में अधिकांश मात्रा में मौजूद हैं। गंगा नदी को प्रदुषण मुक्त रखने के लिए भारत सरकार ने नमामि गंगे जैसी योजनाओं की शुरुआत की गई है। सरकार ने गंगा नदी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर ज़ोर देते हुए इस क़दम की शुरुआत की थी। इसके अलावा देश की लगभग 40% आबादी भी गंगा नदी पर निर्भर है। नमामि गंगे मिशन के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने साल 2019-2020 तक नदी की सफाई पर कुल 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है।

नमामि गंगे मिशन के तहत जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण, और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा नमामि गंगे’ के तहत जलवाही स्तर की वृद्धि, कटाव कम करने और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति में सुधार करने के लिए लगभग 30,000 हेक्टेयर भूमि पर वन लगाए जाने का प्रस्ताव है।

3. तीसरी न्यूज़

भारत के घरेलू बाजार में महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई के लिए खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड यानी KBIL की शुरुआत की जा रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के तीन केन्द्रीय प्रतिष्ठानों राष्ट्रीय एल्यूुमि‍नियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), हिन्दुूस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) और मिनरल एक्सरप्लोरेशन कम्पषनी लिमिटेड (एमईसीएल) की भागीदारी से खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (केएबीआईएल) की स्था्पना की जाएगी। बताया जा रहा है कि केबीआईएल देश की खनिज सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और आयात विकल्पल के सभी मक़सदों को पूरा करने में सहायक होगी।

खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड वाणिज्यिक उपयोग और घरेलू ज़रूरतों के लिए विदेशों में महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान, अधिग्रहण, खोज, विकास, खनन और प्रोसेसिंग का काम करेगी। इन खनिजों और धातुओं की सोर्सिंग का काम व्यापार अवसर बनाकर उत्पाेदक देशों के साथ सरकार से सरकार स्तर पर सहयोग करके या स्रोत देशों में इन खनिजों की खोज और खनन से की जाएगी। नई कम्पनी ऑस्ट्रेालिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे खनिज संपन्न देशों के साथ साझेदारी बनाने में मदद करेगी, जिसमें खोज तथा प्रोसेसिंग में भारतीय विशेषज्ञता पारस्परिक रूप से लाभकारी होगी और नए आर्थिक अवसर पैदा करेगी। आपको बता दे कि सार्वजनिक क्षेत्र की जिन तीन बड़ी कंपनियों नालको, एचसीएल हुए एमईसीएल कंपनियों की भागीदारी से KBIL की स्थापना की जा रही है उसमें इन कंपनियों के बीच इक्विटी भागीदारी क्रमशः 40 30 और 30 फीसदी के अनुपात में होगा।

4. चौथी न्यूज़

कश्मीर मसले पर भारत अपने रुख़ को लेकर स्पष्ट और अडिग है। भारत ने एक बार फिर कश्मीर मसले पर अपना रुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि कश्मीर मुद्दे पर बातचीत सिर्फ और सिर्फ द्विपक्षीय के ही ज़रिए होगी। नौवें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कल अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो से मुलाक़ात की।

इस मुलाक़ात में विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो को बताया कि कश्मीर के मुद्दे सिर्फ और सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत ही संभव है। ग़ौरतलब है कि इससे पहले बीते दिनों कश्मीर पर मध्यस्थता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ब्यान दिया था। राष्ट्रपति ट्रम्प के मुताबिक़ जापान के ओसका में हुई भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्ता की बात कही थी। जबकि भारत ने तुरंत ही अमेरिका के इस ब्यान का खंडन करते हुए कहा कि भारत की ओर से ऐसा कोई अनुरोध नही किया गया था। कश्मीर मुद्दा भारत पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है। इसके लिए दोनों देशों के बीच 1972 में शिमला समझौता और 1999 में हुए लाहौर घोषणा पत्र जैसे समझौतों पर दोनों देशों ने दस्तख़त किए हैं।

शिमला समझौते के तहत दोनों देशों के बीच होने वाले सभी मतभेदों और आपसी विवाद को द्विपक्षीय बातचीत के ज़रिए हल किए जाने की बात पर रजामंदी हुई थी। इसके अलावा एक दूसरे की राष्ट्रीय एकता, क्षेत्रीय अखंडता व सम्प्रभुता का सम्मान करने और पिछले 25 सालों से दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करने वाले कारकों को शांति पूर्ण ढंग से हल जाने के मुद्दे पर सहमति बनी थी।

इसके अलावा 1999 में लाहौर घोषणा पत्र के ज़रिए दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की भारत की ओर से पेशकश की गई । 1999 में हुए लाहौर घोषणा पत्र में आपसी हितों व विश्व - व्यापार से जुड़े मसलों पर समय - समय पर विचार - विमर्श की बात कही गई थी। इसके अलावा वीज़ा नियमों को आसान बनाना, युद्धबंदियों या असैनिक बंदियों की जाँच के लिए मंत्रीस्तर पर दो सदस्यीय समिति का गठन करना व परमाणु ख़तरों को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर क़दम उठाने जैसे मामलों पर दोनों देशों ने दस्तख़त किए थे।

5. पांचवी न्यूज़

संयुक्त अरब अमीरात अगले साल जुलाई में मंगल पर अपना अंतरिक्ष यान भेजने की तैयारी में है। 'होप प्रोब' ( Hope probe) नाम का यह यान मंगल पर भेजा जाने वाला अरब जगत का पहला अंतरिक्ष यान होगा। UAE में चल रहे इस अंतरिक्ष अभियान का नाम अमीरात मंगल मिशन (EMM ) रखा गया है। इसमें मंगल के वातावरण के अलग - अलग स्तरों से लेकर इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि लाल ग्रह से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन खत्म होने के कारण क्या रहे हैं।

ख़बरों के मुताबिक़ UAE के इस यान को जापान के तानेगाशिमा स्पेस सेंटर से लांच किया जाएगा। यान के 2021 की पहली तिमाही में मंगल पर पहुंचने की संभावना जताई गई है। यूएई स्पेस एजेंसी (यूएईएसए) और मुहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर (एमबीआरएससी) ने कहा है कि अगर ये मिशन सफल रहा तो ये मंगल के वातावरण की तस्वीरें लेने वाला पहला यान होगा। यूएई स्पेस एजेंसी के अध्यक्ष और देश के उच्च शिक्षा मंत्री अहमद बेलहौल अल फलासी ने कहा है कि इस मिशन की सफलता अरब और इस्लामिक जगत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

आज के न्यूज़ बुलेटिन में इतना ही... कल फिर से हाज़िर होंगे एग्जाम के लिहाज़ से महत्वपूर्ण कुछ अहम ख़बरों के साथ...

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