बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम - वैकल्पिक विषय "संस्कृत भाषा और साहित्य" (Bihar Public Service Commission (BPSC) Mains Exam Syllabus - Optional Subject "Sanskrit Language and Literature"


बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम - वैकल्पिक विषय "संस्कृत भाषा और साहित्य" (Bihar Public Service Commission (BPSC) Mains Exam Syllabus - Optional Subject "Sanskrit Language and Literature"


खण्ड- I (Section - I)

इसमें चार भाग होंगे।

भाग 1.

(क) संस्कृत भाषा का उद्भव और विकास (भारतीय यूरोपीय से मध्य भारतीय आर्य भाषाओं तक) केवल सामान्य रूप रेखा।
(ख) संधि, कारक, समास और वाक्य पर विशेष बल सहित व्याकरण की प्रमुख विशेषताएँ।

भाग 2. साहित्य के इतिहास का साधारण ज्ञान और साहित्य समीक्षा के प्रमुख सिद्वांत। महाकाव्य नाटक, गद्य, काव्य, गीति काव्य और संग्रह-ग्रंथ आदि साहित्यिक विधाओं का उद्भव और विकास।

भाग 3. प्राचीन भारतीय संस्कृति और दर्शन, जिसमें वर्णाश्रम व्यवस्था, संस्कार और प्रमुख दार्शनिक प्रवृत्तियों पर विशेष बल दिया जाए।

भाग 4. संस्कृत में लघु निबन्ध

टिप्पणीः- भाग (3) और (4) के प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखने हैं।

खण्ड- II (Section - II)

इस खण्ड में दो भाग होंगे।

भाग- 1. निम्नलिखित कृतियों का सामान्य अध्ययन

(क) कठोपनिषद्
(ख) भगवद्गीता
(ग) बुद्धचरितम् (अश्वघोष)
(घ) स्वप्न वासवदत्तम् - (भास)
(ङ) अभिज्ञानशाकुन्तलम् (कालिदास)
(च) मेधदूतम् (कालिदास)
(छ) रघुवंशम् (कालिदास)
(ज) कुमारसंभवम् (कालिदास)
(झ) मृच्छकटिकम् (शूद्रक)
(ञ) किरातार्जुनीयम् (भारवि)
(ट) शिशुपालवघम् (माध)
(ठ) उत्तर रामचरितम् (भवभूति)
(ड) मुद्राराक्षसम् (विशाखादत्त)
(ढ) नेषधीयचरितम् (श्रीहर्ष)
(ण) राजतरंग्ड़िणी (कल्हण)
(त) नीतिशतकम् (भर्तृहरि)
(थ) कादम्बरी (वाणभट्ट)
(द) हर्षचरितम् (वाणभट्ट)
(ध) दशकुमारचरितम् (दण्डी)
(न) प्रबोध चन्द्रोदयम् (कृष्ण मिश्र)

भाग- 2. चुनी हुई निम्नलिखित पाठ्य सामग्री के मौलिक अध्ययन का प्रमाण- पाठ्यग्रंथः (केवल इन्हीं ग्रंथों से पाठगत प्रश्न पूछे जायेंगे)

1. कठोपनिषद् अध्याय 1 - तृतीय बल्ली (श्लोक 10 से 15 तक)
2. भगवद् गीता अध्याय 2 (श्लोक 13 से 25 तक)
3. बुद्ध चरित तृतीय सर्ग (श्लोक 1 से 10 तक)
4. स्वप्न बासवदत्तम् (षष्ठी अंक)
5. अभिज्ञान शकुन्तलम् (चतुर्थ अंक)
6. मेघदूतम् (प्रारम्भिक श्लोक 1 से 10 तक)
7. किरातार्जुनीयम् (प्रथम सर्ग)
8. उत्तर रामचरितम् (तृतीय अंक)
9. नीतिशतकम्- (श्लोक 1 से 10 तक)
10. कादम्बरी (शुकनासोपदेश)
11. कौटिल्य अर्थशास्त्र- प्रथम अधिकरण, प्रथम प्रकरण- दूसरा अध्याय जो, शीर्षकः विद्यासामृद्देसाह, तंत्र अनविकसिकी स्थापना तथा सातवाँ प्रकरण- ग्यारहवाँ अध्याय शीर्षक गृपुरशोत्पतिप निर्धारित संस्करण और आर॰पी॰ कांगल, कौटिल्य अर्थशास्त्र, भाग- 01 एक आलोचनात्मक संस्करण, मोतीलाल बनारसी दास, दिल्ली- 1986.

भाग संख्या- 02 की टिप्पणी- कम-से-कम 25 प्रतिशत अंक वाले प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में होने चाहिये।

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Courtesy: BPSC