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आयुष्मान भारत योजनाः बजट 2018

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संदर्भः

  • सामान्य बजट 2018-19 में, भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित दो नवीन पहलों की घोषणा की गई है, जिन्हें सम्मिलित रूप से आयुष्मान भारत योजना का नाम दिया गया है।
  • इन दो नवीन पहलों में एक हेल्थ एवं वेलनेस केन्द्र (Health and Wellness Centre) एवं दूसरा राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा स्कीम (National Health Protection Scheme) है।
  • सरकार के द्वारा देश की जनता के लिए व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा व देखभाल को सुनिश्चित करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा की गई है।
  • बजटीय प्रावधान के अनुसार ये दोनों पहल आयुष्मान भारत योजना के भाग के रूप में होंगे, जो प्राथमिक द्वितीय एवं तृतीयक स्तर पर देखभाल तंत्र (Care System) में व्यापक सुधार करने से संबंधित होगा।
  • दूरगामी दृष्टिकोण से इन पहलों का मुख्य ध्येय देश में अच्छे स्वास्थ्य स्तर एवं रोग-निरोध व देखभाल तंत्र (Desease-Prevention and Care System) को प्रोत्साहित करना है।

आयुष्मान भारत कार्यक्रम क्या है?

  • आयुष्मान भारत के अंतर्गत, दो मुख्य पहलों में से एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना होगी जिसके अंतर्गत एक परिवार को 5 लाख रु. प्रति वर्ष का इन्श्योरेन्स कवर दिया जाएगा। इससे देश में संवेदनशील दशा में रह रहे लगभग 10 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे, जिसके अंतर्गत लगभग 50 करोड़ लाभार्थी शामिल होंगे।
  • दूसरे पहल के अंतर्गत देश में हेल्थ व वेलनेस केन्द्र (Health and Wellness Centres) खोले जाएँगे जिसका मुख्य ध्येय स्वास्थ्य देखभाल (Health Care) को प्रत्येक व्यक्ति के घर पर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। इन केन्द्रों की घोषित संख्या 1.5 लाख है, जहाँ मुफ्त में आवश्यक दवाईयाँ एवं डायगनोस्टिक सेवाएँ (Diagnostics Services) उपलब्ध करवाई जाएँंगी।

हेल्थ एवं वेलनेस केन्द्र (Health and Wellness Centre)

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अंतर्गत हेल्थ एवं वेलनेस केन्द्रों की कल्पना भारतीय स्वास्थ्य तंत्र के आधार के रूप में की गई है।
  • देश में स्थापित किए जाने वाले इन 1.5 लाख केन्द्रों के द्वारा अधिकतम जनसंख्या को उनके घर के समीप ही स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • इनके द्वारा केन्द्र सरकार, व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करेगी, जिसके अंतर्गत गैर-संक्रामक रोगों के साथ-साथ मातृ व शिशु स्वास्थ्य सेवाएं (Maternity and Child Health Services) भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
  • इन केन्द्रों पर मुफ्त दवा एवं डायगनोस्टिक सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
  • निजी क्षेत्रों के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत एवं दानदाता संस्थानों के द्वारा भी इन केन्द्रों को वित्तीय योगदान दिए जाने की योजना है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा स्कीम (National Health Protection Scheme)

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा स्कीम को सरकार के द्वारा वित्तीय सहायता से चलाए जाने वाले सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
  • इस आधार पर इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार द्वारा सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
  • इसके अंतर्गत देश के लगभग 10 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख के इन्श्योरेंस की घोषणा की गई।

आयुष्मान भारत स्कीम की महत्ता क्या है?

  • देश में लाखों परिवारों के द्वारा रोगों के इलाज के लिए या तो ऋण लेना होता है या उन्हें अपनी संपत्ति बेचनी होती है। विशेषकर समाज के कमजोर वर्ग इससे बेहद प्रभावित हैं, उनके लिए इन पहलों की विशेष भूमिका होगी।
  • वर्तमान में चल रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (RSBY) के अंतर्गत गरीब परिवारों को मात्र 30000 रु. के इन्श्योरेंस कवरेज दिए जा रहे हैं।
  • परन्तु इस पहल के द्वारा पूर्व की तुलना में अधिक परिवारों को अधिक इन्श्योरेंस कवरेज प्रदान किया जा सकेगा जो देश में जीवन प्रत्याशा के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगी।
  • इस प्रकार इस स्कीम की महत्ता का विश्लेषण देश में बढ़ने वाले स्वास्थ्य सुरक्षा एवं देखभाल स्तर के रूप में देखा जा सकता है, जो बेहतर जीवन (Well-Being) एवं कल्याण को बढ़ावा देगा।
  • साथ ही गरीब व कमजोर वर्गों पर स्वास्थ्य व्यय के दबाव को कम कर होने वाली आर्थिक हानि को कम करेगा, जिससे दीर्घकाल में इस संवेदनशील वर्ग को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर आने में सहायता प्राप्त होगी।

निष्कर्ष

अतः यह कहा जा सकता है कि आयुष्मान भारत के द्वारा देश के अधिकतम परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुंचाई जा सकेगी। विशेषकर समाज के कमजोर वर्गों के लिए यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो सकती है। हालाँकि सरकार के समक्ष इसके सफल क्रियान्वयन की चुनौतियाँ विद्यमान हैं, परन्तु इस एक उल्लेखनीय पहल के रूप में देखा जाना चाहिए।